क्या सीता जी का बाल्यविवाह हुआ था

 

By - Vedic Dharmi Ashish 


सीता जी पर बाल्यविवाह का आक्षेप :

आज कल मुस्लिम, ईसाई और नवबौद्ध नास्तिक आदि विधर्मियों के द्वारा सीता जी पर यह आरोप लगाया जाता है कि वाल्मीकि रामायण (अरण्यकाण्ड, सर्ग ४७) के अनुसार जहां रावण को सीता जी बता रही की वनगमन के समय उनका आयु १८ वर्ष थी और विवाह के बाद वन गमन तक वह १२ वर्षों तक अपने ससुराल में रही थी।

तो १८- १२ = ६ वर्ष उनके विवाह का आयु यह लोग निकालने का कोशिश करते हैं।

क्या सीता जी १२ वर्षों तक अपने ससुराल में रही थी ?

अब देखिए जिस अरण्यकाण्ड के श्लोक यह लोग दिखाते हैं जो पाठ गीताप्रेस के रामायण में आता है वह दक्षिणात्य संस्करण से है अर्थात् दक्षिण भारत में जो रामायण पाठ मिलता है।

लेकिन इस श्लोक के पाठ पूर्ण रूप से प्रक्षिप्त क्योंकि ऐसा श्लोक हमे रामायण के सबसे प्राचीन पूर्वी पाठ में नहीं मिलता जिसे बंगाल संस्करण भी कहा जाता है।

बंगाल संस्करण ( आरण्यकांड ५३/३-४)
वाल्मीकि रामायण के बंगाल संस्करण के आरण्यकांड में यहां १२ वर्ष के जगह "संवत्सरं चाध्युषिता" पाठ आता है जिसका अर्थ है सीता जी केवल एक वर्ष तक ही विवाह के बाद वन गमन तक ससुराल में रही थी न कि १२ वर्षों तक।
बंगाल संस्करण (सुन्दरकाण्ड ३१/११-१२) 
इसीप्रकार बंगाल संस्करण के सुन्दरकाण्ड में भी आता हैं जहां सीता जी हनुमान जी को अपने आयु के विषय में बता रहे हैं कि - "उषिता वर्षमेवैकं"  अर्थात् सीता जी विवाह के बाद वनगमन पर्यन्त केवल एक वर्ष तक ही अपने ससुराल में रही थी। 
           यहां भी ऐसी कोई वर्णन नहीं की सीता जी १२ वर्ष तक रही थी।


Ramayana (Critical Edition 3/45/4-5)
वाल्मीकि रामायण के क्रिटिकल एडिशन में भी इसी पाठ को मौलिक माना गया है।

तो इससे सिद्ध हुआ विवाह के समय सीता जी के आयु १८ वर्ष - १ वर्ष = १७ वर्ष थी न कि ६ वर्ष।


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